Friday, 9 December 2011

जागो भारत जागो

महान मेरा भारत
यहा जो करते झोल
कहलाते अनमोल
जनता के वो रक्षक
पैसे के वो भक्षक
असल में है वो
राक्षसो के बादशाह
इनका किसी से ना वास्ता
झुटी इनकि दास्तान
हो 2G, 3G Scams
या हो चारा या लवासा
देते जनता को ये झांसा
जनता मजबूर
सुखो से दुर, दुखो में चूर
जिये सडीसी जिंदगी
जैसे हो इनके मजदूर
महंगाई बेहीसब
फिरभी मजेमें कसाब
खाये फोकट कि बिर्यानी
पिये बिसलरी का पानी
पर मरे किसान
ना मिले बीज ना खाद
उनके पेट में आग
बुझाये कौन?
जो खाये थप्पड नेता
तो उसके चुतीये कार्यकर्ता
करे फालतू के निदर्शन
परेशान जनता 
और गोसीप में नेता
कैसे जाने कोई है गावमें अवर्षण
इनको है बस सत्ता का आकर्षण
करे जो आंदोलन 
और दे सच्चाई का साथ
ये लगाते उसकी वाट
और बनाते उसकी जिंदगी झाट
ना है इनकि कोई जात
नहि है इनका कोई मजहब
बस है पैसा इनका मकसद
इनका ना कोई बाप ना कोई भाई
इनकी बहन ना कोई माई
इनका बस चले तो ये बेच दे
सगी मा को भी ये कुत्ते
कोबरा लिखे सच्चे किस्से
तू मान या ना मान
चोईस भी है तेरा  वोईस भी है तेरा
अबे उठ जा क्यू है नींद में?
है भविष्य मुश्कील में!

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